दशा ओसवाल साजना जैन समुदाय की एक सामाजिक संस्था है जिसकी स्थापना सभी दशा ओसवाल परिवारों को आपसी परिचय द्वारा लाभान्वित होने के लिए की गयी है|
पिछले कुछ वर्षो से विश्व में वैज्ञानिक क्रांति एवं संचार साधनों की सुगम उपलब्धता के कारण जो वैश्वीकरण का दौर चला है उससे हमारी जीवनशैली में अनेक प्रकार के परिवर्तन आये हैं| इन परिवर्तनों ने निश्चित ही हमें व्यवसाय, शिक्षा, एवं आर्थिक प्रगति हेतु बेहतर अवसर तथा सुविधाएँ प्रदान करायी है जिसकी वजह से हमारा रहन-सहन और जीवनशैली का स्तर बेहतर हुआ है व सोच भी आधुनिक हो गयी है| लेकिन कम्प्यूटर के इस युग का कुप्रभाव ये हुआ है कि हमारी व्यस्तता बढ़ गयी है एवं दूर-दराज के क्षेत्रो में बस जाने के कारण हमारे आपसी संपर्क के अवसर कम होते जा रहे है जिसके कारण वर्तमान व आगामी पीढी सामाजिक परम्पराओ व धार्मिक संस्कारों से विमुख होती जा रही है|
आज के इस दौर में जो मुख्य समस्या सामने आ रही है वो है उपयुक्त वैवाहिक रिश्तों कि अनुपलब्धता| इसके प्रमुख दो कारण नज़र आते है: एक तो उच्च शिक्षा की प्राथमिकता और दूसरा शहरी संस्कृति का चलन| चूँकि उच्च शिक्षित लड़का/लड़की के लिए समान शैक्षिक स्तर का लड़का/लड़की होना चाहिए जो कि उचित भी है| इसी तरह से शहर में रहने वाले लोग छोटे गाँव या कस्बों में रिश्ता करना पसंद नहीं करते| दोनों ही परिस्थितियों में वैवाहिक रिश्तों के विकल्प बहुत सीमित रह जाते है| जिसके कारण कई बार लोग विजातीय सम्बन्ध करने पर भी मजबूर हो जाते है|
सूचना क्रांति के इस युग में वैवाहिक रिश्तों की सीमित उपलब्धता हास्यास्पद भी है और दुखद भी| इससे हमारी ये कमजोरी उजागर हो रही है कि हम आधुनिक तकनीक का उपयोग व्यवसाय के लिए तो कर रहे है लेकिन समाजिक व पारिवारिक जरूरतों हेतु उन्हें नज़रंदाज़ कर रहे है|
दशा ओसवाल साजना का गठन इस हेतु किया गया है ताकि आपस में परिचय एवं मेल जोल का दायरा विस्तृत हो एवं सामाजिक, धार्मिक व व्यावसायिक जरूरतों में आपसी समन्वय और सहयोग द्वारा एक दूसरे की मदद कर साजना को सुदृढ़ता एवं सही दिशा प्रदान कर सकें व हमारी पुरानी गौरवशाली संस्कृति और परंपरा का निर्वहन हो सके|
शुरुआत में दशा ओसवाल साजना, मुख्या रूप से तीन कार्यो को करने जा रहा है:
१. समस्त दशा ओसवाल परिवारों की निर्देशिका बनाना|
२. वैवाहिक परिचय सम्मेलनों का आयोजन करना|
३. वेबसाइट तैयार करना|
आप सभी से निवेदन है की समाज सेवा के इस महायज्ञ में आप भी अपनी सेवाओ रुपी आहुति डालें क्योंकि यह एक भगीरथ प्रयास है जिसके लिए ज्यादा से ज्यादा लोगो का जुड़ना आवश्यक है|
जय जिनेन्द्र!